नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली भट्ठी की तरह तप रही है। 29 मई 2024 को दिल्ली के मुंगेशपुर मौसम केंद्र ने 52.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया, जो भारत के इतिहास में दर्ज अब तक का सबसे अधिक तापमान था। हालांकि, बाद में मौसम विभाग (IMD) ने सेंसर में खराबी की जांच की बात कही, लेकिन इस खबर ने पूरी दुनिया में जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को उजागर कर दिया। शहर का औसत तापमान भी 45-49 डिग्री के बीच बना रहा।
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भीषण गर्मी के कारण दिल्ली में 'रेड अलर्ट' जारी किया गया। बिजली की मांग ने 8,302 मेगावाट का ऑल-टाइम रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिससे कई इलाकों में पावर कट हुए। एसी और कूलर फेल हो गए। गर्मी के साथ-साथ जल संकट (Water Crisis) ने स्थिति को और भयावह बना दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश से दिल्ली को अतिरिक्त पानी छोड़ने का आग्रह किया।
गर्मी इतनी तेज थी कि सड़कों पर डामर पिघलने लगा और पक्षी आसमान से गिरते देखे गए। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए। बिहार और राजस्थान में गर्मी से कई मौतों की खबरें आईं।
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विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि कंक्रीट के जंगल और हरियाली की कमी के कारण दिल्ली 'अर्बन हीट आइलैंड' बनती जा रही है। यह भीषण गर्मी आने वाले समय के लिए खतरे की घंटी है।