नई दिल्ली: टाटा समूह की एयरलाइन विस्तारा (Vistara) अप्रैल के पहले सप्ताह में गंभीर संकट में घिर गई। एयरलाइन के पायलटों के सामूहिक रूप से 'सिक लीव' (Sick Leave) पर जाने के कारण कंपनी को अपनी सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। एयर इंडिया के साथ विलय से पहले नए वेतन ढांचे और रोस्टर सिस्टम को लेकर पायलटों में भारी नाराजगी है, जिसके चलते यह स्थिति पैदा हुई।
उड़ानें रद्द होने से हवाई अड्डों पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और टिकटों की कीमतें आसमान छूने लगीं। डीजीसीए (DGCA) ने एयरलाइन से दैनिक रिपोर्ट मांगी है। विस्तारा के सीईओ विनोद कन्नन ने यात्रियों से माफी मांगी और कहा कि वे पायलटों के साथ बातचीत कर समस्या का समाधान निकाल रहे हैं।
पायलटों का आरोप है कि नए कॉन्ट्रैक्ट में उनकी गारंटीड उड़ान के घंटे कम कर दिए गए हैं, जिससे उनकी कमाई पर असर पड़ेगा। इसके अलावा, काम के बढ़ते बोझ और थकान को भी एक बड़ा मुद्दा बताया गया है। टाटा समूह के लिए यह एक बड़ी चुनौती है क्योंकि वे एयर इंडिया और विस्तारा का विलय सुचारू रूप से करना चाहते हैं।