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नई दिल्ली/माले: साल 2024 की शुरुआत एक बड़े कूटनीतिक विवाद और भारत की 'सॉफ्ट पावर' के प्रदर्शन के साथ हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप (Lakshadweep) दौरे की कुछ तस्वीरों ने पड़ोसी देश मालदीव की राजनीति में भूचाल ला दिया है। पीएम मोदी ने लक्षद्वीप के समुद्र तटों पर स्नॉर्कलिंग (Snorkeling) करते हुए और सुबह की सैर करते हुए अपनी तस्वीरें साझा की थीं और भारतीयों से घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की थी।
मालदीव के मंत्रियों की बदजुबानी और भारत का पलटवार
पीएम मोदी की तस्वीरों पर मालदीव सरकार के तीन उप-मंत्रियों—मरियम, मालशा और हसन जिहान—ने अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। उन्होंने भारत के पर्यटन स्थलों का मजाक उड़ाया। इसके बाद सोशल मीडिया पर भारतीयों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते #BoycottMaldives और #ChaloLakshadweep सोशल मीडिया पर टॉप ट्रेंड बन गए। हजारों भारतीयों ने अपनी मालदीव की फ्लाइट्स और होटल बुकिंग्स कैंसिल कर दीं।
घुटनों पर आया मालदीव, 3 मंत्री सस्पेंड
मामला इतना बढ़ गया कि मालदीव की मुइज्जू सरकार को झुकना पड़ा। मालदीव सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया। भारत की ट्रेवल कंपनी 'EaseMyTrip' ने मालदीव की सभी फ्लाइट बुकिंग्स अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दीं। इस विवाद ने दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय पर्यटक किसी भी देश की अर्थव्यवस्था बना या बिगाड़ सकते हैं। अचानक लक्षद्वीप, जो अब तक शांत था, दुनिया के नक्शे पर सबसे हॉट टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। टाटा समूह ने वहां दो ताज रिजॉर्ट्स खोलने का ऐलान भी कर दिया है।