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नई दिल्ली: 13 दिसंबर 2001 को हुए संसद हमले की 22वीं बरसी पर आज (13 दिसंबर 2023) देश की नई संसद की सुरक्षा में एक बड़ी और गंभीर सेंध लग गई। लोकसभा की कार्यवाही के दौरान दर्शक दीर्घा (Visitors' Gallery) से दो युवक, सागर शर्मा और मनोरंजन डी, अचानक सदन के अंदर कूद गए। वे बेंचों के ऊपर से कूदते हुए स्पीकर की कुर्सी की ओर बढ़ने लगे और अपने जूतों में छिपाकर लाए गए 'कलर स्मोक कनस्तरों' (Color Smoke Canisters) को खोल दिया, जिससे पूरे सदन में पीला धुआं फैल गया।
सांसदों ने पकड़कर पीटा
अफरा-तफरी के बीच राहुल गांधी, हनुमान बेनीवाल और अन्य सांसदों ने हिम्मत दिखाते हुए दोनों युवकों को घेर लिया और पकड़कर उनकी पिटाई की, जिसके बाद उन्हें सुरक्षाकर्मियों के हवाले कर दिया गया। ठीक उसी समय संसद के बाहर भी दो लोगों—नीलम और अमोल शिंदे—ने तानाशाही विरोधी नारे लगाते हुए कलर स्मोक छोड़ा। पुलिस ने कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उन पर UAPA के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बेरोजगारी और तानाशाही का विरोध
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बेरोजगारी और मणिपुर हिंसा जैसे मुद्दों पर सरकार का ध्यान खींचना चाहते थे। इस घटना ने संसद की 'थ्री-लेयर सिक्योरिटी' पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर भारी हंगामा किया, जिसके चलते 140 से ज्यादा सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया। स्पीकर ओम बिरला ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और संसद में दर्शकों के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।