नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन (G20 Summit) नई दिल्ली के भव्य 'भारत मंडपम' में ऐतिहासिक उपलब्धियों के साथ संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वह कर दिखाया जो असंभव माना जा रहा था—रूस-यूक्रेन युद्ध पर मतभेदों के बावजूद सभी सदस्य देशों को 'नई दिल्ली घोषणापत्र' (New Delhi Declaration) पर सहमत करना। इसे भारत की बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है।
ग्लोबल साउथ की आवाज बना भारत
इस सम्मेलन का सबसे बड़ा हासिल अफ्रीकन यूनियन (African Union) को G20 का स्थायी सदस्य बनाना रहा। पीएम मोदी ने गले लगाकर अफ्रीकन यूनियन के अध्यक्ष को सीट ग्रहण करवाई। इसके अलावा, भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) की घोषणा की गई, जो चीन के 'बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव' का जवाब माना जा रहा है।
दुनिया ने देखा भारत का दम
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन, ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत दुनिया भर के दिग्गज नेताओं ने भारत की मेहमाननवाज़ी और पीएम मोदी के विजन की तारीफ की। कोणार्क चक्र के सामने पीएम मोदी का स्वागत और राष्ट्रपति के डिनर में 'इंडिया' की जगह 'भारत' शब्द का इस्तेमाल सुर्खियों में रहा।