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2000 Note Withdrawal: फिर हुई नोटबंदी? RBI ने 2000 रुपये के नोट वापस लेने का किया ऐलान; बदलने के लिए बैंकों में लगी कतारें

2000 Rupee Note Withdrawal
Image Credit: AI Generated

नई दिल्ली/मुंबई: 2016 की नोटबंदी की यादें अभी धुंधली भी नहीं हुई थीं कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए देश की सबसे बड़ी करेंसी यानी 2000 रुपये के नोट को चलन से बाहर (Withdraw) करने का ऐलान कर दिया है। 19 मई की शाम को जारी एक सर्कुलर में आरबीआई ने कहा कि 'क्लीन नोट पॉलिसी' के तहत यह फैसला लिया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह नोट फिलहाल 'लीगल टेंडर' (वैध मुद्रा) बने रहेंगे, लेकिन इन्हें बैंकों में जमा कराना होगा।

30 सितंबर तक का दिया समय

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने स्पष्ट किया कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। 2000 के नोट बदलने या खाते में जमा करने के लिए 30 सितंबर 2023 तक का समय दिया गया है। एक बार में अधिकतम 20,000 रुपये (10 नोट) बदले जा सकेंगे। इस घोषणा के बाद पेट्रोल पंपों और ज्वेलरी की दुकानों पर 2000 के नोट खपाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई लोगों ने सोने की खरीदारी कर अपने नोट निकाले।

क्यों लिया गया यह फैसला?

केंद्रीय बैंक का कहना है कि 2000 के नोटों का उद्देश्य पूरा हो चुका है, जो 2016 में कैश की कमी को पूरा करने के लिए लाए गए थे। अब बाजार में छोटे नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, इन बड़े नोटों का इस्तेमाल जमाखोरी और काले धन के रूप में होने की आशंका भी जताई जा रही थी। हालांकि, 2016 के मुकाबले इस बार जनता में उतनी अफरा-तफरी नहीं देखी गई, क्योंकि डिजिटल पेमेंट्स (UPI) का चलन काफी बढ़ चुका है।

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