नई दिल्ली/न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने आज (19 अप्रैल 2023) एक ऐतिहासिक रिपोर्ट जारी करते हुए पुष्टि की है कि भारत अब दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश बन गया है। यूएनएफपीए (UNFPA) की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जनसंख्या 142.86 करोड़ हो गई है, जबकि चीन की जनसंख्या 142.57 करोड़ है। इस तरह भारत ने अपने पड़ोसी देश को करीब 29 लाख के अंतर से पीछे छोड़ दिया है। 1950 के बाद यह पहली बार है जब चीन जनसंख्या के मामले में दूसरे नंबर पर खिसका है。
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इस रिपोर्ट पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारत के पास अब दुनिया की सबसे बड़ी युवा शक्ति (Demographic Dividend) है। देश की 68% आबादी 15 से 64 वर्ष के बीच है, जो आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा इंजन बन सकती है। हालांकि, संसाधन, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के मोर्चे पर यह एक बड़ी चुनौती भी है। चीन में घटती जन्मदर और बूढ़ी होती आबादी ने वहां संकट खड़ा कर दिया है, जबकि भारत 'जवान' देश बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की जनसंख्या वृद्धि दर अब स्थिर हो रही है और प्रजनन दर (Fertility Rate) 2.0 पर आ गई है, जो जनसंख्या विस्फोट के डर को कम करती है। दुनिया अब भारत की ओर न केवल एक बड़े बाजार के रूप में, बल्कि मानव संसाधन के पावरहाउस के रूप में देख रही है।
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चीन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे अब 'क्वांटिटी' नहीं बल्कि 'क्वालिटी' (प्रतिभा) पर ध्यान दे रहे हैं। भारत के लिए यह क्षण अपनी विशाल मानव पूंजी को सही दिशा देने का है।