श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक बार फिर अपना लोहा मनवाया है। 26 मार्च की सुबह, इसरो के सबसे भारी रॉकेट LVM3 (GSLV MkIII) ने ब्रिटेन की कंपनी वनवेब (OneWeb) के 36 इंटरनेट उपग्रहों को सफलतापूर्वक उनकी कक्षा में स्थापित कर दिया। श्रीहरिकोटा से हुई इस लॉन्चिंग के साथ ही इसरो ने वनवेब के साथ अपने अनुबंध को पूरा कर लिया है, जिसके तहत कुल 72 उपग्रह लॉन्च किए जाने थे।
यह LVM3 रॉकेट की लगातार छठी सफल उड़ान थी। वनवेब, जिसमें भारत की भारती एंटरप्राइजेज (Airtel) एक प्रमुख निवेशक है, का लक्ष्य दुनिया भर में स्पेस-आधारित ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा प्रदान करना है, जो स्टारलिंक को टक्कर देगी। इसरो के लिए यह एक बड़ा कॉमर्शियल मील का पत्थर है क्योंकि उसने भारी पेलोड को ले जाने की अपनी क्षमता साबित कर दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो और न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) को इस उपलब्धि पर बधाई दी। यह मिशन 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भारत की बढ़ती हिस्सेदारी को दर्शाता है।