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अंकारा/नई दिल्ली: तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप (Turkey-Syria Earthquake) ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। 7.8 तीव्रता के भूकंप ने शहरों को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है और मरने वालों का आंकड़ा 40,000 के पार पहुंच गया है। इस मुश्किल घड़ी में भारत ने 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना का परिचय देते हुए 'ऑपरेशन दोस्त' (Operation Dost) लॉन्च किया है।
NDRF और सेना का फील्ड हॉस्पिटल
भारत ने वायुसेना के C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिए एनडीआरएफ (NDRF) की तीन टीमें, डॉग स्क्वॉड, दवाइयां और राहत सामग्री तुर्की भेजी है। भारतीय सेना ने हताय प्रांत में एक 'पैरा फील्ड हॉस्पिटल' स्थापित किया है, जो घायलों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रहा है। भारतीय बचाव दल ने मलबे के नीचे 100 घंटे से दबे एक 6 साल के बच्चे को सुरक्षित निकालकर चमत्कार कर दिखाया।
तुर्की ने कहा- धन्यवाद 'दोस्त'
तुर्की के राजदूत फिरात सुनेल ने भारत की मदद की सराहना करते हुए कहा, "दोस्त वही जो मुसीबत में काम आए।" सोशल मीडिया पर भारतीय जवानों की तुर्की की महिलाओं और बच्चों को गले लगाते हुए तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जो दोनों देशों के बीच मानवीय रिश्तों की नई कहानी लिख रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत हर संभव मदद के लिए तैयार है।