अहमदाबाद: हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद मचे घमासान के बीच, गौतम अडानी (Gautam Adani) ने एक चौंकाने वाला और साहसिक फैसला लिया है। अडानी एंटरप्राइजेज ने पूरी तरह से सब्सक्राइब हो चुके अपने 20,000 करोड़ रुपये के एफपीओ (FPO) को रद्द (Cancel) करने की घोषणा की है। कंपनी ने कहा है कि वह निवेशकों का सारा पैसा वापस लौटाएगी। भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में यह अपनी तरह की दुर्लभ घटना है।
गौतम अडानी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा, "शेयर बाजार में आज के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बोर्ड ने महसूस किया कि एफपीओ के साथ आगे बढ़ना नैतिक रूप से सही नहीं होगा। मेरे लिए निवेशकों का हित सर्वोपरि है।" दरअसल, हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी के शेयरों में भारी गिरावट आई थी और शेयर की कीमत एफपीओ के प्राइस बैंड से नीचे चली गई थी। इसके बावजूद बड़े निवेशकों ने एफपीओ को पार लगाया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि अडानी ने यह कदम निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए उठाया है। हालांकि, क्रेडिट सुइस और सिटीग्रुप जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा अडानी बॉन्ड्स को लेकर उठाए गए कदमों से समूह की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं।