न्यूयॉर्क: क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में लेहमन ब्रदर्स जैसा संकट आ गया है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज FTX ने अमेरिका में दिवालियापन (Bankruptcy) के लिए अर्जी दाखिल कर दी है। कंपनी के 30 वर्षीय संस्थापक और सीईओ सैम बैंकमैन-फ्राइड (SBF) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। महज एक हफ्ते के अंदर 32 अरब डॉलर की वैल्यूएशन वाली कंपनी जीरो हो गई, जिससे लाखों निवेशकों के पैसे फंस गए हैं।
संकट तब शुरू हुआ जब प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज बाइनेंस (Binance) ने FTX के टोकन FTT को बेचने की घोषणा की, जिससे पैनिक फैल गया और लोग अपना पैसा निकालने लगे। पता चला कि FTX ने ग्राहकों के फंड का दुरुपयोग अपनी दूसरी कंपनी 'Almeda Research' को बचाने के लिए किया था।
इस घटना ने बिटकॉइन और एथेरियम समेत पूरे क्रिप्टो बाजार को हिलाकर रख दिया है और कीमतें धड़ाम हो गई हैं। भारतीय निवेशकों पर भी इसका असर पड़ा है। नियामक अब क्रिप्टो एक्सचेंजों पर नकेल कसने की तैयारी कर रहे हैं। सैम बैंकमैन, जिसे कभी 'क्रिप्टो किंग' कहा जाता था, अब जांच के घेरे में है।