नई दिल्ली: भारत में 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी (5G Auction) 1 अगस्त को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गई। 7 दिनों तक चली इस मैराथन नीलामी में सरकार को रिकॉर्ड 1,50,173 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा है। मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो (Reliance Jio) ने सबसे आक्रामक बोली लगाते हुए कुल स्पेक्ट्रम का लगभग आधा हिस्सा (88,078 करोड़ रुपये में) खरीद लिया है, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि 5G रेस में जियो सबसे आगे रहेगी।
भारती एयरटेल ने 43,084 करोड़ रुपये और वोडाफोन आइडिया ने 18,799 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा। पहली बार टेलिकॉम सेक्टर में उतरे अडानी डेटा नेटवर्क्स ने केवल 212 करोड़ रुपये का स्पेक्ट्रम खरीदा, जो उनके बी2बी (Business-to-Business) प्लान को दर्शाता है। संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नीलामी बेहद सफल रही और अक्टूबर 2022 तक देश में 5G सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है।
जियो ने सबसे महत्वपूर्ण 700MHz बैंड का स्पेक्ट्रम हासिल किया है, जो उसे बेहतर कवरेज देने में मदद करेगा। इस नीलामी के बाद अब गेंद टेलिकॉम कंपनियों के पाले में है कि वे कितनी जल्दी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर पाती हैं। उपभोक्ताओं को हाई-स्पीड इंटरनेट के लिए थोड़ा ज्यादा पैसा खर्च करने के लिए तैयार रहना होगा।