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नई दिल्ली: भारत के लोकतंत्र ने आज एक नया अध्याय लिखा है। एनडीए (NDA) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) देश की 15वीं राष्ट्रपति निर्वाचित हो गई हैं। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को एकतरफा मुकाबले में भारी मतों से हराया। इसके साथ ही वह भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली पहली आदिवासी महिला और आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति बन गई हैं।
ओडिशा के गांव से रायसीना हिल तक
ओडिशा के मयूरभंज जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर रायसीना हिल तक पहुंचने का उनका सफर संघर्षों से भरा रहा है। मतगणना के तीसरे दौर में ही उन्होंने जीत के लिए जरूरी 50% का आंकड़ा पार कर लिया। उन्हें कुल 64% वोट मिले। पीएम मोदी ने उनके आवास पर जाकर उन्हें बधाई दी और कहा, "यह भारत के गरीबों, वंचितों और आदिवासियों के लिए ऐतिहासिक क्षण है।"
देश भर में जश्न
उनकी जीत पर ओडिशा और झारखंड में आदिवासी समाज ने पारंपरिक नृत्यों के साथ जश्न मनाया। द्रौपदी मुर्मू 25 जुलाई को संसद के सेंट्रल हॉल में शपथ लेंगी। उनका जीवन यह साबित करता है कि भारतीय लोकतंत्र में एक सामान्य नागरिक भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है।