जालौन (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सबसे पिछड़े इलाकों में गिने जाने वाले बुंदेलखंड के विकास को आज (16 जुलाई 2022) नए पंख लग गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालौन जिले के कैथेरी गांव में 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) का उद्घाटन किया। 14,850 करोड़ रुपये की लागत से बना यह 4-लेन एक्सप्रेसवे (जिसे 6-लेन तक बढ़ाया जा सकता है) रिकॉर्ड 28 महीनों में बनकर तैयार हुआ है, जबकि इसका शिलान्यास फरवरी 2020 में किया गया था।
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यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट से शुरू होकर इटावा के कुदरैल तक जाता है, जहां यह आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिल जाता है। इसके खुलने से चित्रकूट से दिल्ली का सफर अब महज 6-7 घंटे में पूरा हो सकेगा। यह एक्सप्रेसवे 7 जिलों—चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा—से होकर गुजरता है। पीएम मोदी ने कहा, "यह एक्सप्रेसवे सिर्फ वाहनों को रफ्तार नहीं देगा, बल्कि बुंदेलखंड की औद्योगिक प्रगति को भी गति देगा।"
सरकार की योजना इस एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर बनाने की है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और पलायन रुकेगा। बुंदेलखंड, जो अक्सर सूखे और पानी की कमी के लिए खबरों में रहता था, अब अपनी कनेक्टिविटी के लिए जाना जाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे डिफेंस कॉरिडोर की सफलता के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।
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हालांकि, उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद हुई भारी बारिश में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सड़क धंसने की खबरें भी आईं, जिस पर विपक्ष ने सवाल उठाए और गुणवत्ता की जांच की मांग की। सरकार ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू करवाया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।