मुंबई: भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने वाला बिजनेस रियलिटी शो 'शार्क टैंक इंडिया' (Shark Tank India) का पहला सीजन 4 फरवरी को समाप्त हो गया। इस शो ने न केवल भारतीय घरों में 'इक्विटी', 'वैल्युएशन' और 'ग्रॉस मार्जिन' जैसे शब्दों को आम बना दिया, बल्कि भारत की स्टार्टअप संस्कृति को एक नई उड़ान दी। शो के जजेस यानी 'शार्क्स' - अश्नीर ग्रोवर (BharatPe), अमन गुप्ता (boAt), नमिता थापर (Emcure), और पीयूष बंसल (Lenskart) रातों-रात सेलिब्रिटी बन गए।
शो के दौरान कुल 67 स्टार्टअप्स को लगभग 42 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली। अश्नीर ग्रोवर का डायलॉग "ये सब दोगलापन है" और नमिता थापर का "आई एम आउट" सोशल मीडिया पर मीम्स का खजाना बन गए। 'जुगाडू कमलेश' जैसे पिचर ने देश का दिल जीत लिया। इस शो ने साबित कर दिया कि भारत में एंटरप्रेन्योरशिप का जज्बा गांव-गांव तक फैला हुआ है।
सोनी टीवी पर प्रसारित इस शो की टीआरपी ने कई सास-बहू सीरियल्स को पीछे छोड़ दिया। सीजन के खत्म होने पर दर्शकों ने सोशल मीडिया पर भारी प्रतिक्रिया दी और जल्द ही दूसरे सीजन की मांग की। यह शो भारतीय बिजनेस इकोसिस्टम के लिए एक गेम-चेंजर साबित हुआ है।