नई दिल्ली: भारत के इतिहास के सबसे बड़े आईपीओ (IPO) का इंतजार अब खत्म होने वाला है। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है। सरकार एलआईसी में अपनी 5% हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जो पूरी तरह से 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा। अनुमान है कि इस आईपीओ का साइज 60,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो सकता है, जो अब तक का सबसे बड़ा होगा।
दस्तावेजों के अनुसार, एलआईसी की एम्बेडेड वैल्यू 5.4 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। सबसे खास बात यह है कि एलआईसी अपने पॉलिसी होल्डर्स के लिए आईपीओ में 10% कोटा आरक्षित रखेगी। पॉलिसी होल्डर्स को शेयर प्राइस में डिस्काउंट मिलने की भी उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए पॉलिसी का पैन कार्ड (PAN) से लिंक होना अनिवार्य है।
सरकार का लक्ष्य मार्च 2022 तक इस आईपीओ को लिस्ट कराने का है ताकि विनिवेश लक्ष्य को पूरा किया जा सके। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एलआईसी का आईपीओ शेयर बाजार में भारी लिक्विडिटी लाएगा और लाखों नए डीमैट खाते खुलने की संभावना है। यह "भारत का अरामको (Aramco) क्षण" साबित हो सकता है।