मुंबई: भारतीय संगीत जगत की सबसे सुरीली और रूहानी आवाज आज हमेशा के लिए खामोश हो गई है। 'भारत रत्न' से सम्मानित और 'स्वर कोकिला' के नाम से मशहूर लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का आज सुबह 8:12 बजे मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वे 92 वर्ष की थीं और पिछले 29 दिनों से कोरोना (Covid-19) और निमोनिया से जंग लड़ रही थीं। उनके निधन की खबर आते ही देश-दुनिया में शोक की लहर दौड़ गई।
'मेरी आवाज ही पहचान है'
लता दीदी ने 36 से अधिक भाषाओं में 30,000 से ज्यादा गाने गाए। 'लग जा गले', 'ऐ मेरे वतन के लोगों' और 'लुका छुपी' जैसे उनके गीत आज भी हर भारतीय के दिल में बसते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपना दुख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया, "मैं शब्दों से परे दुखी हूं। लता दीदी हमारे देश में एक ऐसा खालीपन छोड़ गई हैं जिसे कभी भरा नहीं जा सकता। आने वाली पीढ़ियां याद रखेंगी कि भारतीय संस्कृति की एक दिग्गज ने हमारी दुनिया को संवारा था।"
राजकीय सम्मान के साथ विदाई
केंद्र सरकार ने लता मंगेशकर के सम्मान में 2 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान देश भर में तिरंगा आधा झुका रहेगा। शाम 6:30 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी, शाहरुख खान, सचिन तेंदुलकर, अमिताभ बच्चन, रणबीर कपूर और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे समेत राजनीति, खेल और बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने उन्हें मुखाग्नि दी।