
बेंगलुरु, 25 मार्च 2026: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की एक और बड़ी उपलब्धि सामने आई है। भारत का स्वदेशी नेविगेशन सिस्टम 'नाविक्स' (NavIC) को अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) द्वारा वैश्विक मानक के रूप में स्वीकार कर लिया गया है। इसका अर्थ है कि अब दुनिया भर के विमान और जहाज भारतीय नेविगेशन सिस्टम का उपयोग कर सकेंगे।
यह उपलब्धि भारत की तकनीकी क्षमता और अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दर्शाती है। नविक्स सिस्टम जीपीएस की तुलना में अधिक सटीक और सुरक्षित है। इससे भारत की रणनीतिक स्वायत्तता बढ़ेगी और विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम होगी।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने इसरो की इस सफलता की सराहना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदल भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करेगा। आने वाले वर्षों में नविक्स का उपयोग व्यापक स्तर पर होने की उम्मीद है। यह कदल विज्ञान, प्रौद्योगिकी और राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।