
नई दिल्ली, 26 मार्च 2026: केंद्र सरकार ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए सभी स्कूलों और कॉलेजों में काउंसलिंग सेंटर स्थापित करना अनिवार्य कर दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य तनाव, चिंता और डिप्रेशन जैसे मुद्दों से निपटने में छात्रों की मदद करना है। प्रशिक्षित काउंसलर छात्रों को भावनात्मक_support प्रदान करेंगे।
सरकार ने शिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इसके अलावा, हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन काउंसलिंग सेवाएं शुरू की गई हैं ताकि छात्र गोपनीयता के साथ सहायता ले सकें। इससे शैक्षणिक दबाव को कम करने और स्वस्थ वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।
मनोवैज्ञानिकों और शिक्षाविदों ने इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य के समान ही महत्वपूर्ण है। यदि इस नीति का सही क्रियान्वयन होता है, तो युवा पीढ़ी अधिक संतुलित और स्वस्थ होगी। यह कदल सामाजिक कल्याण और शिक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।