लखनऊ/पटना: जून की भीषण गर्मी (Heatwave) ने उत्तर भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार में हाहाकार मचा दिया है। यूपी के बलिया जिले में जिला अस्पताल में लू और गर्मी से संबंधित बीमारियों के कारण पिछले कुछ दिनों में 50 से अधिक लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं। देवरिया और बिहार के कई जिलों में भी हालात खराब हैं। तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और आर्द्रता (Humidity) ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
मरने वालों में ज्यादातर बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग शामिल हैं। अस्पतालों में स्ट्रेचर कम पड़ गए हैं और अफरा-तफरी का माहौल है। सरकार ने जांच के लिए लखनऊ से एक टीम भेजी है। स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को दोपहर में घर से न निकलने, खूब पानी पीने और ओआरएस (ORS) का सेवन करने की सलाह दी है।
बिजली कटौती ने लोगों की मुसीबतों को दोगुना कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वी यूपी और बिहार के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यह घटना जलवायु परिवर्तन के खतरों और स्वास्थ्य ढांचे की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।