
नई दिल्ली, 11 मार्च 2026: केंद्र सरकार ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के नैतिक और सुरक्षित उपयोग के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य डेटा गोपनीयता, एल्गोरिदमिक पूर्वाग्रह और साइबर सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इससे भारत में एआई तकनीक के विकास को गति मिलेगी और उपयोगकर्ताओं का विश्वास बढ़ेगा।
दिशानिर्देशों के अनुसार, एआई कंपनियों को अपने सिस्टम की पारदर्शिता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करनी होगी। इसके अलावा, एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने एआई स्टार्टअप्स के लिए इनोवेशन लैब स्थापित करने की भी घोषणा की है।
तकनीकी विशेषज्ञों ने इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि नैतिक दिशानिर्देश एआई के जिम्मेदार विकास के लिए जरूरी हैं। यदि इन नियमों का सही पालन होता है, तो भारत वैश्विक स्तर पर एआई हब के रूप में उभर सकता है। यह कदल तकनीकी प्रगति और नागरिक अधिकारों के संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।