
पटना, 17 मार्च 2026: पटना में आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय साहित्यिक महोत्सव का आज समापन हुआ। इस महोत्सव में देश-विदेश से आए सैकड़ों लेखकों, कवियों और विचारकों ने भाग लिया। हिंदी, उर्दू, मैथिली और अंगिका सहित कई भाषाओं में साहित्यिक चर्चाएं और कवि सम्मेलन आयोजित किए गए। इसका उद्देश्य बिहार की साहित्यिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना था।
महोत्सव के मुख्य अतिथि ने कहा कि साहित्य समाज को जोड़ने और संवेदनशील बनाने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। युवा लेखकों के लिए वर्कशॉप और मेंटरशिप सेशन भी आयोजित किए गए, जिससे उन्हें अपने लेखन कौशल को निखारने का मौका मिला। स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक संगीत ने माहौल को और भी रोचक बना दिया।
साहित्य प्रेमियों ने इस पहल की सराहना की और ऐसे नियमित आयोजनों की मांग की। विशेषज्ञों का मानना है कि साहित्यिक महोत्सव से बिहार की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कदल सांस्कृतिक संरक्षण और बौद्धिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।