भोपाल, 7 फरवरी 2026: मध्य प्रदेश में बाघों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। हाल ही में हुई नई जनगणना के अनुसार, राज्य में बाघों की संख्या पिछले सर्वे की तुलना में 15% बढ़ी है। यह सफलता राज्य वन विभाग के संरक्षण प्रयासों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी का परिणाम है। मध्य प्रदेश अब 'टाइगर स्टेट' के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
वन विभाग ने बाघों के आवास क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। अवैध शिकार पर लगाम लगाने और शिकार के जानवरों की आबादी बढ़ाने के लिए विशेष योजनाएं लागू की गई हैं। इसके अलावा, पर्यटकों के लिए इको-टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ मिल रहा है और वे संरक्षण में सहयोग कर रहे हैं।
पर्यावरणविदों ने इस उपलब्धि की सराहना की है और इसे वैश्विक स्तर पर वन्यजीव संरक्षण का एक मॉडल बताया है। हालांकि, चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, जैसे कि आवास का टुकड़ा-टुकड़ा होना। लेकिन निरंतर प्रयासों से मध्य प्रदेश बाघों के लिए एक सुरक्षित धाम बन सकता है। यह कदम प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।