
विशाखापट्टनम, 16 फरवरी 2026: भारतीय नौसेना की रणनीतिक क्षमता में एक बड़ा इजाफा हुआ है। स्वदेशी तकनीक से निर्मित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी 'आईएनएस अरिघात' ने हाल ही में अपने मिसाइल परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस परीक्षण में पनडुब्बी ने समुद्र की गहराई से एक बैलिस्टिक मिसाइल का प्रक्षेपण किया, जो लक्ष्य पर सटीक रूप से लगा।
यह उपलब्धि भारत की 'परमाणु त्रयी' (Nuclear Triad) को मजबूत करती है, जिसका अर्थ है कि भारत अब जमीन, हवा और समुद्र तीनों मोर्चों से परमाणु हमला करने की क्षमता रखता है। रक्षा मंत्री ने इसे 'मेक इन इंडिया' की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक बताया और वैज्ञानिकों तथा इंजीनियरों की टीम को बधाई दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस परीक्षण को भारत की बढ़ती रक्षा स्वायत्तता के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। 'आईएनएस अरिघात' की ऑपरेशनल तैनाती से भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और भी अभेद्य हो जाएगी।