
रायपुर, 22 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी समुदायों के अधिकारों को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के हजारों आदिवासी परिवारों को वन अधिकार पट्टा वितरित किया गया है। इस पट्टे के माध्यम से उन्हें वन उत्पादों को इकट्ठा करने और बेचने का कानूनी अधिकार मिल गया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
यह कार्यक्रम 'वन अधिकार अधिनियम' के तहत चलाया गया था। सरकार ने सुनिश्चित किया कि प्रक्रिया पारदर्शी हो और स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति से ही पट्टे जारी किए जाएं। इसके अलावा, आदिवासी महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से वन उपज आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रशिक्षण और ऋण सुविधा भी दी जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी नेताओं ने इस फैसले की सराहना की है। उनका कहना है कि इससे न केवल आदिवासियों का सशक्तिकरण होगा, बल्कि वन संरक्षण में भी उनकी भागीदारी बढ़ेगी। यह कदल सामाजिक न्याय और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।