
मुंबई, 2 जनवरी 2026: महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) की विधायकी दल की बैठक 31 जनवरी को हुई, जिसमें सुनेत्रा पवार को विधायकी दल की नेता सर्वसम्मति से चुना गया। इस फैसले के बाद अब उनके द्वारा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान्ड के विचार-विमर्श के बाद ही लिया जाएगा।
सुनेत्रा पवार का चयन पार्टी के भीतर एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। शिवसेना के कुछ मंत्रियों ने उनके 'जल्दबाजी में शपथ' लेने पर आपत्ति जताई थी, लेकिन मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के अनुसार लिया गया है। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की गठबंधन सरकार में नए समीकरणों को दर्शाता है और आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक ध्रुवीकरण को रेखांकित करता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि सुनेत्रा पवार का उभार युवा नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उनकी नियुक्ति से न केवल एनसीपी के भीतर संगठनात्मक मजबूती आएगी, बल्कि विपक्षी दलों को भी अपनी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। राज्य की राजनीति में यह परिवर्तन आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला है।