
नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन के बाद देश के स्कूलों में शिक्षण पद्धति में बुनियादी बदलाव देखने को मिल रहे हैं। रटंत विद्या की जगह समझ और विश्लेषणात्मक कौशल पर जोर दिया जा रहा है। बहुभाषी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम में शामिल करने से छात्रों की रुचि बढ़ी है।
शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि वे नई पद्धतियों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें। डिजिटल लर्निंग टूल्स का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे शिक्षा अधिक इंटरैक्टिव और आकर्षक हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इंटरनेट और स्मार्ट क्लासरूम की पहुंच बढ़ाने के प्रयास तेज किए गए हैं।
शिक्षाविदों का मानना है कि NEP का सही क्रियान्वयन भारत को वैश्विक ज्ञान अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका दिलाने में मदद करेगा। हालांकि, चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, जैसे कि बुनियादी ढांचे की कमी और शिक्षकों की कमी। लेकिन सरकार की प्रतिबद्धता और जनभागीदारी से इन चुनौतियों को पार किया जा सकता है।