
इंदौर, 10 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल के सेवन से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। यह दुर्घटना शहर की जल आपूर्ति प्रणाली में गंभीर खामियों को उजागर करती है। स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में विशेष मेडिकल कैम्प लगाए और पानी की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जल वितरण लाइनों में सीवेज का रिसाव हुआ था, जिससे पानी दूषित हो गया। नगर निगम और जल बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित परिवारों को मुआवजे और निशुल्क चिकित्सा सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की गई है। यह घटना शहरी बुनियादी ढांचे की देखभाल और निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए नियमित रखरखाव और आधुनिक जल शुद्धिकरण तकनीक अपनाना अनिवार्य है। सरकार ने पूरे राज्य में जल आपूर्ति प्रणालियों की ऑडिट का आदेश दिया है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। यह दुर्घटना सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और जवाबदेही की मांग करती है।