
नई दिल्ली, 21 जनवरी 2026: GST परिषद की हालिया बैठक में छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSME) के लिए कई राहत भरे फैसले लिए गए। परिषद ने कुछ आवश्यक वस्तुओं पर GST स्लैब को कम करने और कंप्लायंस प्रक्रिया को सरल बनाने पर सहमति जताई। इसका उद्देश्य छोटे व्यापारियों के बोझ को कम करना और औपचारिक अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
नए नियमों के तहत, जिन व्यवसायों का टर्नओवर एक निश्चित सीमा से कम है, उन्हें तिमाही रिटर्न फाइल करने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा, डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए कुछ सेवाओं पर छूट की घोषणा भी की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह कदम अर्थव्यवस्था को गति देने और व्यापार में पारदर्शिता लाने के लिए है।
व्यापारिक संगठनों ने इन फैसलों का स्वागत किया है और इसे व्यवसाय करने में आसानी लाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे MSME सेक्टर में निवेश और रोजगार सृजन बढ़ेगा। यह बैठक भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली को और अधिक कुशल और व्यापार अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।